दुनिया

कभी हँसाती है तो कभी रुलाती है,

जीवन भर सिखाती है |

भटकते सब है यहाँ अपनी राहों मे,

रास्ता भी ये ही दिखाती है |

धुन्दला जब दिखे हर कोई,

हर किसी को एक दिन आईना दिखाती है |

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